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OTT और सोशल मीडिया प्लेटफार्म के लिए नयी गाइडलाइन्स जारी - सख्त किये गए नियम

New guidelines for OTT and Social Media: केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम, डिजनी हॉटस्टार आदि के लिए ख़ास नए दिशानिर्देशों का ऐलान कर दिया है।

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New guidelines rolled out for OTT and social media

गुरुवार को केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और केंद्रीय प्रसारण एवं सूचना मंत्री प्रकाश जावड़ेकर इस संदर्भ में  प्रेस कॉन्फ्रेंस की  जिसमें सरकार ने 3 फ्रेमवर्क्स बनाए हैं ।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत में सोशल मीडिया पर कारोबार करने के लिए सरकार आपका स्वागत करती है लेकिन आजकल सोशल मीडिया पर गलत भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है और लोग हिंसा  आतंकवाद फैलाने के लिए भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्हीं सब बातों को मद्देनजर रखते हुए केंद्र सरकार ने इस बार फिर से ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दिए हैं।

ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए गाइडलाइंस 

1) डिजिटल न्‍यूज मीडिया और OTT को अपने बारे में विस्‍तृत डिटेल्स देनी होगी। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य नहीं है।

2) 5-आयु-वर्ग (U) Universal U / A 7+, U / A 13+, U / A 16+, और A (वयस्क) में अपने कंटेंट को स्व-वर्गीकृत करना होगा ।

3) U/A के रूप में वर्गीकृत content  के लिए parental control की व्यवस्था रखनी जरूरी होगी ।

4) OTT प्‍लेटफॉर्म्‍स को शिकायत निवारण तंत्र के लिए सेल्‍फ रेगुलेटरी बॉडी बनानी होगी जिसे सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जज  या कोई बड़ी हस्ती इससे संबंधित जानकारी रखने वाली इसको हेड करेगी।

5) डिजिटल मीडिया पर फर्जी कंटेंट और जानकारी देने पर कार्रवाई की जाएगी ।  

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए गाइडलाइंस 

1) सोशल मीडिया के लिए यह नए दिशानिर्देश 3 महीने के अंदर लागू हो जाएंगे।

2) सोशल मीडिया को दो कैटेगरी में रखा है : सोशल मीडिया इंटरमीडियरी और सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडियरी।

3) अपना शिकायत निवारण तंत्र (शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Mechanism) बनाना होगा । 

4) शिकायत दर्ज होने के बाद आपत्तिजनक कंटेंट को 24 घंटे के भीतर हटाना होगा और उसको हटाने की वजह भी देनी होगी।

5) सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के पास यूजर वेरिफिकेशन का ऑप्शन होना अनिवार्य है।

6) एक  नोडल अधिकारी की नियुक्ति होगी जो 24/7 कानूनी एजेंसियों के संपर्क में रहेगा। साथ ही एक चीफ कंप्लाइंस ऑफिसर और रेसिडेंट ग्रिवांस ऑफिसर रखना होगा । 

7) हर महीने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को मंथली रिपोर्ट देनी होगी कि उन्होंने कितने पोस्ट पर एक्शन लिया।

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