पुलवामा हमले के 2 साल: वह दिन जब भारत ने अपने 40 सीआरपीएफ जवानो को खो दिया

 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के लेथापोरा में सीआरपीएफ (CRPF) के काफ़िले पर वाहन सवार आतंकवादियों ने हमला कर दिया था। जिसके बाद में भारत ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में Jaish-e-Mohammed (JeM) के आतंकी शिविरों में कई हवाई हमले किए जिसमें कई आतंकवादियों को ढेर किया। 

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Pulwama-attack-2019 (PC: Scroll)

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में एक आत्मघाती हमलावर ने आतंकी हमला किया था जिसके परिणामस्वरूप सीआरपीएफ के 40 जवानों की मौत हो गई थी। जैश-ए-मोहम्मद के 22 वर्षीय आतंकी आदिल अहमद डार के रूप में पहचाने जाने वाले  इस आतंकवादी (इस हमले से पहले भी इसको  छह बार गिरफ्तार किया था लेकिन हर बार बिना किसी आरोप के रिहा कर दिया गया था) ने सीआरपीएफ के काफ़िले के साथ एक विस्फोटक से भरी कार से टक्कर मार दी, इस विनाशकारी हमले में 40 सैनिकों की जान गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे ।

भारत ने 26 फरवरी 2020 को जैश-ए-मोहम्मद (JeM)आतंकवादी कैंप पर हमला कर के करारा जवाब दिया। भारतीय वायु सेना के 22 मिराज  और 2000 जेट विमानों ने नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी शिविरों को  खत्म कर दिया जिसमें 300 और 350 आतंकवादी मारे गए थे।

विश्व निकाय संयुक्त राष्ट्र औरअमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, UAE, श्रीलंका और बांग्लादेश सहित दुनिया भर के देशों ने पुलवामा आतंकी हमले की निंदा की है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत ेसाथ खड़ा हुआ।

14 Feb के दिन सीआरपीएफ के 40 साहसी सैनिकों के बलिदान को भारत कभी नहीं भूल पाएगा। और हर साल 14 फरवरी को हमारे शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों की याद में इस  इस दिन को हमेशा याद रखा जायेगा।


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